बेलपत्र / बिल्वपत्र चढ़ाने का मंत्र (Belpatra Mantra)
बेलपत्र / बिल्वपत्र चढ़ाने का मंत्र (Belpatra Mantra)
यह मंत्र भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करते समय बोले जाते है
त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्। त्रिजन्मपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम्॥”
अर्थ – “हे तीन पत्तों वाले, तीन गुणों वाले, तीन नेत्रों वाले और तीन आयुधों वाले भगवान शिव, मैं आपके चरणों में यह बेलपत्र चढ़ाता हूं, जो तीनों जन्मों के पापों का नाश करने वाला है।”
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बिल्व पत्र चढ़ाते समय “ओम नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है.
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नमो बिल्ल्मिने च कवचिने च नमो वर्म्मिणे च वरूथिने च
नमः श्रुताय च श्रुतसेनाय च नमो
दुन्दुब्भ्याय चा हनन्न्याय च नमो घृश्णवे॥
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दर्शनं बिल्वपत्रस्य स्पर्शनम् पापनाशनम् ।
अघोर पाप संहारं बिल्व पत्रं शिवार्पणम् ॥
अर्थ- बिल्व पत्र का दर्शन और स्पर्श पापों का नाश करता है। अघोर पापों का नाश करने वाले बेलपत्र को मैं शिव को अर्पण करता हूँ।
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अखण्डै बिल्वपत्रैश्च पूजये शिव शंकरम् ।
कोटिकन्या महादानं बिल्व पत्रं शिवार्पणम् ॥
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गृहाण बिल्व पत्राणि सपुश्पाणि महेश्वर ।
सुगन्धीनि भवानीश शिवत्वंकुसुम प्रिय ॥
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